युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं इंग्लैंड के 90 वर्षीय पूर्व क्रिकेट अंपायर डिकी बर्ड। वर्तमान समाचार

Positive news: क्रिकेट में गेंदबाजों और बल्लेबाज ही नहीं अंपायर भी महानता की श्रेणी में आते हैं। इंग्लैंड के पूर्व अंपायर डिकी बर्ड क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन अंपायरों में एक माने जाते हैं। हालांकि उनका असली नाम हेरोर्ड डेनिस है, लेकिन प्यार से सभी उन्हें डिकी बर्ड बुलाते हैं। हाल ही में 19 अप्रेल को डिकी बर्ड ने 90 साल पूरे किए। 1973 से 1995 तक अंपायरिंग करने वाले डिकी बर्ड आज भी सभी के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं क्योंकि वे आज भी फिट रहने के लिए रोज एक्सरसाइज करते हैं। डिकी बर्ड ने जन्मदिन पर सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसकों को खास मैसेज दिया। उन्होंने लिखा, मैं उन सभी का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मुझे बर्थ-डे कार्ड भेजे। मैं कहना चाहूंगा, खासतौर पर बुजुर्ग लोगों से कि यदि हो सके तो रोज कुछ एक्सरसाइज करने की कोशिश करें। हो सके तो थोड़ी रनिंग करिए। हालांकि ये आसान नहीं है लेकिन यदि आप ऐसा करेंगे तो इससे आपको काफी फायदे होंगे। डिकी पढ़ाई मेें अच्छे नहीं थे और उनके पिता एक कोयले की खदान में काम करते थे। डिकी 11वीं क्लास में फेल हो गए और उसके बाद उन्होंने 15 साल की उम्र में कोयले की खदान में ही काम करना शुरू कर दिया। लेकिन उनका इस काम में दिल नहीं लगा और उन्होंने स्पोर्ट्स में अपना करियर बनाने की ठान ली। डिकी एलबीडब्ल्यू देने के फैसले सोच-समझकर दिया करते थे। उस समय मशहूर था कि यदि डिकी ने एलबीडब्ल्यू दिया है तो फिर बल्लेबाज के बचने की कोई गुंजाइश नहीं थी। 1996 में भारत व इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट में डिकी बर्ड बतौर अंपायर आखिरी बार उतरे। उस मैच में दोनों टीमों ने डिकी के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया। डिकी बर्ड के सम्मान में उनके गृहनगर में बार्न्सले में 30 जून 2009 को छह फुट ऊंची प्रतिमा लगाई गई, जिसका अनावरण प्रिंस चार्ल्स ने किया था। डिकी बहुत जल्द आउट देने को अंगुली उठाते थे।

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