Wrestlers Protest: दिन भर के प्रदर्शन के बीच कैसी कटी पहलवानों की रात। वर्तमान समाचार

नई दिल्ली:  दिन भर प्रदर्शन करने के बाद गुरुवार की रात पहलवानों ने खाना खाया अंधेरा होने के कारण उन्होंने अपने फोन की फ्लैश लाइट का सहारा लिया। मच्छरों से बचने के लिए उन्होंने मच्छरदानी लगाकर सोए और सुबह उठकर अपने दिन का अभ्यास शुरु किया। यौन उत्पीड़न के आरोपी रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाने वाले लोगों के एक वर्ग ने भी अपनी रात सड़कों पर बिताई, जो बैरिकेड्स और कई पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों से घिरे हुए थे। द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पहलवान विनेश फोगाट ने बताया कि हम रात में सही से सो नहीं पा रहे हैं, यहां मच्छर भी काफी हैं। वहीं बगल मे ही एक बैरीकेड पर एक लिस्ट लगी हुई जिसमें भाजपा सांसद पर जो आरोप लगे हैं उसकी एक लंबी लिस्ट लगाई गई है। बता दें कि बीते बुधवार को रात करीब 11 बजे धरना स्थल पर सोने के लिए फोल्डिंग व बेड ला रहे पहलवानों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों मे झड़प हो गई थी। पुलिस का कहना था कि वे धरना स्थल पर ऐसी चीजें नहीं ला सकते जिसके लिए उन्हें रोका गया था। वहीं विनेश फोगट और साक्षी मलिक ने दावा किया कि पुलिस वालों ने उनके साथ गाली गलौज और धक्का-मुक्की की। जिससे उनकी आंखों में आंसू आ गए। संगीता फोगट के भाई दुष्यंत समेत दो पहलवानों को चोटें आई हैं। प्रदर्शनकारी पहलवानों मे से एक ने बताया कि वे बुधवार रात को धरना स्थल पर सोने के लिए कुछ गद्दे लाने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि बारिश हो रही थी और सब कुछ गीला हो चुका था। पहलवान विनेश फोगट ने बताया कि हमें सोने के लिए कुछ गद्दे चाहिए थे क्योंकि बारिश के बाद फर्श गीली हो गई थी, तभी पुलिस ने उन्हें रोका और गद्दों को वापस ले जाने को कहा जिसपर बातों-बातों मे पुलिस वाले पहलवानों से भिड़ गए। इस बीच रात 12 बजे के करीब धरना स्थल पर पहुंची दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि “दिल्ली महिला आयोग ने महिला पहलवानों के बयान दर्ज कर लिए हैं और कार्रवाई करने का वादा किया है”।  

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