हिंद प्रशांत क्षेत्र के देशों को साधने की क्या है भारत की योजना, और क्या निकलेगा निषकर्ष। वर्तमान समाचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों प्रशांत क्षेत्र के देश पापुआ न्यू गिनी के दौरे पर हैं। वहां पर वे FIPIC यानी फोरम फॉर पैसिफिक आईलैंड कोऑपरेशन के तीसरे सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गए हैं। बता दें भारत राजनीतिक इतिहास में पापुआ न्यू गिनी का सफर करने वाले नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं। हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल को रोकने के लिए  भारत का यह कदम देखने को मिल रहा है। भारत हिंद प्रशांत देशों के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है। पीएम मोदी का यह दौरा भी उसी रणनीति का ही एक हिस्सा है।

हिंद प्रशांत के देशों को भारत की तरफ से बड़ी सौगात। हिंद प्रशांत देशों के लिए 12 सूत्री एक्शन प्लान को तैयार किया गया है। इसके तहत भारत सरकार फिजी में एक 100 बेड के अस्पताल का निर्माण कराएगी।  पापुआ न्यू गिनी में एक आईटी और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग हब बनाया जाएगा। 
अगले पांच सालों में सागर अमृत स्कॉलरशिप के तहत 1000 स्कॉलरशिप दी जाएंगी। 
2023 में पापुआ न्यू गिनी में जयपुर फुट कैंप आयोजित किया गया था। अब हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र के अन्य देशों में भी हर साल ऐसे दो कैंप आयोजित किए जाएंगे। 
FIPIC SME डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाएगी, जिसमें हिंद प्रशांत देशों में छोटे और मझोले उद्योगों को स्थापित करने में मदद की जाएगी। 
अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए हिंद प्रशांत देशों की सरकारी इमारतों पर सोलर प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे।
पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार हिंद प्रशांत देशों में डीसेलिनेशन यूनिट स्थापित की जाएंगी। 
समुद्र में चलने वाली एंबुलेंस की सप्लाई की जाएगी। 

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