Uttarakhand: एक अनदेखा पर्यटन स्थल। वर्तमान समाचार

भारत का एक ऐसा राज्य जो अपने प्राकृतिक नजारों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। उत्तराखंड भारत का सबसे खुबसूरत राज्य होने के साथ देवों की भूमि के नाम से भी प्रसिद्ध है। उत्तराखंड में कई सारे मंदिर बद्रीनाथ, केदारनाथ, हरीद्वार जैसे धार्मिक आस्था के केंद्र स्थित हैं, तो वहीं दूसरी ओर ऋषिकेश, देहरादून, नैनीताल, मसूरी जैसे अनेकों पर्यटन के स्थल भी यहां पर मौजूद हैं। हर उम्र के लोगों के लिए उत्तराखंड उनकी पसंदीदा जगहों में होता है। उत्तराखंड के पहाड़, यहां की नदियां, यहां की झीलें और ग्लेशियर, बर्फ से ढंकी चादरें यहां आने वाले पर्यटकों को लुभाने का काम करती हैं। हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड में दुनियाभर से लोग एडवेंचर गतिविधियों और चार धाम की यात्रा के लिए यहां पर आते हैं। पर्यटक यहां पर आध्यात्मिक शांति और मन मोह लेने वाले दृश्यों को देखने के लिए भी आते हैं। यदि आप प्राकृतिक सुंदरता के नजारों का आनंद लेना चाहते हैं और इसमें दिलचस्पी रखते हैं , तो यह राज्य आपके लिए परफेक्ट है। यहां के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर बहुत भीड़भाड़ होने से कई यात्रियों को ये जगहें थोड़ी असुविधाजनक लगती हैं, लेकिन खुबसूरती से भरे इस राज्य में कई सारे ऐसे स्थल भी है जो गुमनाम है, लेकिन नजारों की दृष्टि से देखा जाए तो आपका मन मोह लेते हैं। आज इस पोस्ट में हम आपको उत्तराखंड के कुछ ऐसे हीं पर्यटन स्थलों के बारे में बताएंगे जिन्हें आप जानते नहीं हैं और जिनकी कभी कोई चर्चा नहीं हुई है, तो आइए जानते हैं उनके बारे में।

  • (Manila) मनीला-  

उत्तराखंड में आप नैनीताल, मसूरी जैसे हिल स्टेशन पर‌ तो घूमें हीं होगें, लेकिन आपने इनसे अलग कुछ देखा हीं नहीं होगा, क्योंकि उसका जिक्र नहीं किया जाता है। अगर आपको हिल स्टेशन पर‌ जाना पसंद हो तो आप मनीला भी जा सकते हैं। मनीला को उत्तराखंड की गुप्त हिल स्टेशन भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पर पर्यटकों की काफी कम भीड़ होती है। मनीला गांव कुमायूं क्षेत्र के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत से 85 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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हिमालय श्रृंखलाओं की गोद में बसे मनीला में बहुत सारे अजनबी और सुंदर पक्षी प्रवास के लिए आते हैं और साथ में यहां के प्राकृतिक नजारों की वजह से यह फोटोग्राफी के लिए एक बेहतर जगह है। मनीला में मनीला देवी का ऐतिहासिक मंदिर भी स्थित है, मनीला देवी कत्यूरी कबीले की कुलदेवी हैं, जिनका मंदिर भी काफी भव्य बना हुआ है। हिमालय की गोद में बसे इस गांव से आप सूर्योदय और सूर्यास्त की सुनहरी आभा के बहुत सुंदर दृश्य देख पाते हैं। सर्दियों के समय यह पूरा क्षेत्र बर्फ से ढका रहता है। कपल्स के लिए यह जगह काफी रोमांटिक है और आप कुछ पल‌ सुकून के अपने साथी को साथ बिता सकते हैं।

  • (Mana Village) माणा गांव

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित माणा गांव को भारत का आखिरी गांव कहा जाता है। यह गांव आपको प्राकृतिक नजारों से भरे स्थानों की यात्रा करवाता है। यह माणा गांव समुद्र तल से 3118 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है, जो सालभर में से छः महीने तो बर्फ की चादरों से ढँका रहता है। जब भी लोग बद्रीनाथ धाम के लिए जाते हैं, तो वे माणा गांव से होकर हीं गुजरते हैं, लेकिन कभी इस गांव की कोई चर्चा नहीं हुई है।

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भारत के इस आखिरी गांव में भारत की आखिरी चाय की दुकान भी स्थित है, जहां पर बहुत से लोग फोटो खिंचवाने के बहाने चाय पीने के लिए आते हैं। इसके पीछे भारतीय सेना के बैस केम्प बने हुए हैं और भारत की सीमा खत्म हो जाती है। माणा गांव में घुमने लायक जगहों में नीलकंठ चोटी, ताप्त कुंड, भीम पुल, व्यास गुफा जैसे कई सारे स्थान हैं। इस गांव के बारे में पौराणिक मान्यताएं हैं कि यहीं से होकर पांडव स्वर्ग गये थे। यहां दो पहाड़ियों के बीच गहरी खाई मे भीम ने दो शिलाएं डालकर पुल बनाया था, जिसे भीमपुल के नाम से जाना जाता हैं। उत्तराखंड में सफेद बादलों के बीच यहां का नजारा स्वर्ग से कम नहीं लगता है।

  • (DharChula) धारचूला

उत्तराखंड के कुमायूं क्षेत्र में पिथौरागढ़ से 90 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ धारचूला आपको एक अलग हीं जगह के दर्शन कराता है। उत्तराखंड और नेपाल बार्डर पर स्थित इस जगह पर जब आप जाएंगे, तो वहां खड़े तो आप उत्तराखंड की जमीं पर होंगे, लेकिन वहां पर बहने वाली हवा नेपाल की होती है। जब आप उत्तराखंड में हसीन वादियों की तलाश करोगे तो आपकी तलाश धारचूला की इसी जन्नत पर आकर रूक जाएगी।

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हिमालय के पहाड़ों से घिरा धारचूला जिसमें धार का अर्थ होता है पहाड़ी और चूला का अर्थ होता है दुल्हा। इस जगह की बनावट पहाड़ों के बीच चुल्हे जैसी होने के कारण इसे धारचूला कहा जाता है। यहां पर समुद्र तल से 6191 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ओम पर्वत मान सरोवर यात्रा के लिए जाना जाता है। काली नदी के तट पर स्थित यह जगह मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के रास्ते का स्थान है। यहां का अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य कस्तूरी मृग के लिए बहुत प्रसिद्ध है। इसके अतिरिक्त जोलजीबी, चिरकिला बांध जैसी प्राकृतिक जगहें भी यहां पर मौजूद हैं। आप यहां के जंगलों में जंगल सफारी का भी आनंद ले सकते हैं।

  • चकराता हिल स्टेशन (Chakrata Hill Station)

उत्तराखंड की प्रकृति की गोद में बसा चकराता हिल स्टेशन एक ऐसी जगह है जिसे बहुत कम लोग जानते हैं और इस खुबसूरत जगह को देखने भी सीमित लोग हीं आते हैं। इस हिल स्टेशन की खास बात यह है कि यहां पर भारतीय पर्यटक जा सकते हैं, लेकिन विदेशी पर्यटकों को यहां पर घुमने की मनाही होती है।

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देहरादून से मसूरी होते हुए 114 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह जगह आपको कम बजट में हीं हिल स्टेशन घुमाने का अच्छा नजारा पेश करती है। चकराता में चिरमिरी नेक यहां की फेमस जगह है, जो पहाड़ की चोटी पर होने के साथ आपको नीचे के उत्कृष्ट और प्राकृतिक नजारे दिखाती है। यहां का टाइगर वॉटरफॉल भारत के सबसे ऊंचे वॉटरफॉल में से एक है, जिसकी ऊंचाई 312 फीट है। यहां पर चारों ओर पानी की धुंध और हल्की बूंदें आपको बहुत अच्छा वातावरण महसूस कराती हैं। यहां के देववन में बहुत सारी प्रजातियों के पक्षी पाएं जाते हैं और यह उनका बसेरा भी है। अगर आप स्नो फॉल देखना चाहते हैं या बर्फ की एक्टिविटी देखना चाहते हैं, तो लोखंडी और‌ मुंडाली यहां की बहुत फेमस जगह है।

  • मुनस्यारी हिल स्टेशन (Munsyari Hill Station)

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित मुनस्यारी उत्तराखंड का एक फेमस हिल स्टेशन है, लेकिन बहुत हीं कम लोग इस जगह के बारे में जानते हैं। मुनस्यारी नेपाल, तिब्बत और भारत की बार्डर से टच होता है, जो चारों ओर से पहाड़ों से घिरा हुआ है। मुनस्यारी हिल स्टेशन इतना खूबसूरत स्थान है कि इसको उत्तराखंड में ‘दादा कश्मीर’ के नाम से भी जानते हैं। मुनस्यारी हिल स्टेशन बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच की एक सुन्दर जगह है, जो आपको रोमांटिक माहौल प्रदान करने के साथ, हनीमून के लिए एक बेस्ट स्थान है।

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मुनस्यारी की पंचाचुली चोटी पांच पहाड़ियों से मिलकर बनी है, जो बर्फ की चादर ओढ़े रहती है। यहां के बिरथी फॉल के झरने को देखकर आप अचंभित हो जाएंगे। मुनस्यारी से 15 किलोमीटर की दूरी पर कालिका माता का मंदिर भी है, जहां पर नाग भगवान भी उपस्थित रहते हैं। यहां पर नंदा देवी का मंदिर भी स्थित है, जो कि 1000 साल पुराना मंदिर है‌‌। यहां कि बेतुली धार नामक जगह समुद्री तल से 9000 फीट की ऊंचाई पर बर्फ से ढंकी पहाड़ियां हैं, जहां पर सनसेट का नजारा बहुत ही दुर्लभ होता है। मुनस्यारी के लोकप्रिय स्थानों में यहां की हॉरी गंगा नदी भी है, जहां पर आप रिवर राफ्टिंग एडवेंचर गतिविधियों का लुत्फ उठा सकते हैं।

  • पंगोट गाँव ( Pangot Village)

उत्तराखंड में अगर आप शांत स्थान और प्रकृति की गोद ज्ञान कुछ समय बिताना चाहते हैं तो आपके लिए यह जगह बहुत सही है। उत्तराखंड के नैनीताल से 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पंगोट गाँव प्राकृतिक नजारों से भरपूर गांव है। यह उत्तराखंड का एक प्रमुख हिल स्टेशन होने के साथ यहां पर बहुत सारे पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। पक्षियों की 500 से भी ज्यादा प्रजातियां यहां पर आती है और यह जगह वर्ल्ड वाचिंग के लिए भी एक उपयुक्त स्थान है।

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यहां पर  हिमालयन ग्रिफन, लैमरजियर, चित्तीदार और स्लेटी-समर्थित फोर्कटेल, ब्लू विंग्ड मिनाला, रूफ-बेल्ड वुडपेकर, खालिज तीतर और विभिन्न प्रकार के थ्रश पक्षियों के साथ हिमालयन पक्षियों की भी काफी सारी आबादी यहां पर पाई जाती है। जंगलों से घिरे हुए इस गांव में सनसेट का नजारा और चहचहाते हुए पक्षी दोनों को एकसाथ देखकर और सूनकर आपको बहुत अच्छा आभास होने लगेगा। कैंची धाम भी यहां से काफी पास में ही स्थित है। तो दोस्तों आज इस पोस्ट में हमने आपको उत्तराखंड से जुड़े एक-एक स्थानों के बारे में बताया है, जोकि ज्यादा फेमस नहीं हैं और लोग इन स्थानों के बारे में कम जानकारी रखते हैं, लेकिन पर्यटन की दृष्टि से यह सभी स्थान काफी रोमांटिक है। तो दोस्तों अगर आपको उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों से जुड़ी ओर जानकारी हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताना और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों में यह जानकारी ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिएगा।

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