उत्तर प्रदेश: क्यों मांगा सांसद मेनका गांधी ने रेलवे से मुआवज़ा। वर्तमान समाचार

बीते सोमवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से एक आश्चर्यजनक घटना सामने आई। दरहसल, सांसद मेनका गांधी अपने क्षेत्र में लोगों के बीच प्रचार-प्रसार के लिए पहुंची थीं, खराब सड़क और कीचड़ के बीच चुनाव प्रचार कर रहीं मेनका गांधी फिसल कर गिर पड़ी जिसकी वजह से उनकी कमर में काफी चोट लगी। मेनका गांधी घासीगंज वार्ड में चुनाव प्रचार कर रहीं थीं। इस बात की शिकायत उन्होंने रेलवे के डीआरएम से की उन्होंने डीआरएम को 1 करोड़ रुपयों का बिल भेजने व अच्छी सड़क बनाकर इसकी भरपाई करने की मांग की। जिसका जवाब देते हुए रेलवे की तरफ से कहा गया कि वे अपने क्षेत्र में एक हफ्ते के अंदर पक्की सड़क तैयार कर देंगे। भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रेस नोट जारी कर कहा गया कि वह जमीन जहां पर सांसद फिसल कर गिरी थी वह रेलवे की जमीन है। बिना रेलवे की स्वकृती के वहां सड़क भी नहीं बनाई जा सकती। खास बात तो यह रही की मेनका गांधी ने रेलवे के डीआरएम को फोन कर मुआवजे के रुप में एक करोड़ रुपय मांग लिए। इसके अलावा उन्होंने रेलवे को यह भी कहा की “उनके पास दूसरा चारा यह है कि या तो जनता के लिए पक्की सड़क बनवाएं या फिर मुझे एक करोड़ रुपयों का भुगतान करें”।

दोस्तपुर की चुनावी सभा में किया मामले का जिक्र

दोस्तपुर नगर पंचायत में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सांसद मेनका गांधी ने इस पूरी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे भाषण देकर निकल रही थी, इतनी मिट्टी थी कि मैं गिर गई। उन्होंने कहा अगले दिन मैंने डीआरएम को फोन किया और कहा भइया मैं तुम्हें एक करोड़ रुपए का बिल भेज रही हूं अपनी कमर के लिए या तो मुझे कमर का हिसाब दो या तो तुम मेरे लिए सड़क बनाओ एक महीने में। उसने कहा चलो मैं आपके लिए सड़क ही बना देंगे। इसके बाद सांसद ने कहा चलो उसकी वजह से कुछ खास नतीजा आया।

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