उत्तर प्रदेश: पल की जानकारी रखते थे शूटर, साबरमती जेल से बाहर आने के बाद से ही रख रहे थे नजर। वर्तमान समाचार

माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या को लेकर आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। लाइव टी.वी. पर हुए इस हत्याकांड ने प्रदेश ही नहीं देश भर को हिला कर रख दिया था। अतीक और अशरफ की हत्या की जांच करने के लिए बनाई गई एसआईटी की जांच मे अब कुछ नई चीजें भी देखने को मिल रही हैं। खबर है कि इस पूरे प्रकरण में तीनो शूटरों की मदद गाइड कर रहे थे। इनमें से एक गाइड स्थानीय है, जबकि दूसरा बाहरी। उसी ने रास्तों से परिचय कराया। शक है कि इसी ने बताया था कि कहां पर शूटर ठहरें। साथ ही उन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए कॉल्विन अस्पताल को ही क्यों चुना समेत तमाम ऐसे तथ्य सामने आए हैं। इतना ही नहीं जांच मे सामने आया है कि शूटर लगातार अतीक पर पैनी नजर बनाए हुए थे, साबरमती जेल से रवाना होने से लेकर प्रयागराज आने तक तीनों शूटर उसके पल-पल की जानकारी ले रहे थे। एक अहम बात यह भी कि बगैर सिमकार्ड वाले दो मोबाइल फोन बरामदगी की बात अब हो रही है, पुलिस ने उन्हें हत्याकांड के तुरंत बाद ही होटल से बरामद कर लिया था। इससे एक बात तो साफ होती दिख रही है कि इस पूरे प्रकरण को अंजाम तीनो शूटरों ने गाइड की ही मदद से दिया है। जिसमें से एक स्थानिय व दूसरा बाहरी है। स्थानीय मदद का लाभ उठाते शूटर हत्याकांड से तीन दिन पहले यहां पहुंच गए और खुल्दाबाद थाने के करीब ही एक होटल में ठहरे जहां से कॉलविन अस्पताल की दूरी चंद मिनटों मे तय की जा सकती है।

होटल से निकलने की अलग-अलग था समय।

होटल के मैनेजर का कहना है कि तीनों युवक 13 तारीख को रात 8:30 बजे के करीब होटल में आए थे। वे बाहर भी जाते थे लेकिन कभी एक साथ नहीं। बाकी खाने-पीने का सामान जरुरत की वस्तुएं होटल की रुम सर्विस से ही मंगा लिया करते थे।

पहले से ही तय थी अतीक और अशरफ की हत्या की जगह।

पुलिस के मुताबिक तीनों शूटरों ने यह पहले से तय कर लिया था कि हत्या की जगह क्या होगी और वह जगह कॉल्विन अस्पताल का गेट। यही वजह है कि वे अस्पताल के नजदीक होटल में भी रुके और उन्हें यह जानकारी भी पुख्ता थी कि कब दोनों का मेडिकल होना है।  

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