यूपी सरकार ने राजौरी मुठभेड़ में अपनी जान देने वाले कैप्टन शुभम गुप्ता के माता-पिता को 50 लाख रुपये दिए| वर्तमान समाचार

उत्तर प्रदेश के मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने शुक्रवार को राजौरी मुठभेड़ में अपनी जान देने वाले कैप्टन सुभम गुप्ता के माता-पिता से मुलाकात की और 50 लाख रुपये का चेक दिया। उत्तर प्रदेश के आगरा के कैप्टन शुभम गुप्ता (9 पैरा), कर्नाटक के मैंगलोर क्षेत्र के कैप्टन एम वी प्रांजल (63 आरआर), पुंछ, जम्मू-कश्मीर के अजोटे के हवलदार अब्दुल माजिद (पारा); उत्तराखंड के नैनीताल के हल्ली पाडली इलाके के लांस नायक संजय बिस्ट और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के पैराट्रूपर सचिन लौर पांच सैन्यकर्मी थे जिन्होंने आतंकवादियों से लड़ते हुए अपनी जान दे दी।

अफगानिस्तान में प्रशिक्षित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक शीर्ष कमांडर सहित दो आतंकवादी और दो कैप्टन सहित पांच सैनिक बुधवार और गुरुवार को दरमसाल के बाजीमल इलाके में सुरक्षा बलों के साथ 36 घंटे तक चली मुठभेड़ में मारे गए।

उनके पिता और मां को 25-25 लाख रुपये का चेक दिया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया है।

दुःख में परिवार

दिवाली पर परिवार वालों ने वीडियो कॉल पर शुभम से बात की थी। फिर उसने कहा कि वो अगले हफ्ते आएगा। छह माह पहले ही शुभम आगरा आया था। शुभम ने अपना 26वां जन्मदिन अपने परिवार के साथ आगरा में मनाया। ताजनगरी के फेस वन प्रतीक एन्क्लेव निवासी बसंत गुप्ता डीजीसी क्राइम के शासकीय अधिवक्ता हैं। इस मुश्किल घड़ी में बसंत गुप्ता से मिलने और उन्हें सांत्वना देने के लिए रात से ही सैकड़ों लोगों का उनके घर पर तांता लगा हुआ है। सांसद, विधायक, नेता से लेकर आम लोग तक शहीद शुभम गुप्ता को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।

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