बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रोया अतीक, कहा बर्बाद हो गया उसका परिवार। वर्तमान समाचार

बीते गुरुवार को यूपी एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में मारे गए माफिया अतीक अहमद के बेटे असद को शुक्रवार को प्रयागराज में अतीक अहमद के खुद के कब्रिस्तान कसारी मसारी गांव में चकिया इलाके में उसके दादा की कब्र के बगल में दफनाया जाएगा। असद और अतीक के करीबी शूटर गुलाम को भी एसटीएफ ने गुरुवार को एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस ने दोनों पर उमेश पाल हत्याकांड में शामिल होने के चलते 5-5 लाख रुपयों का इनाम भी रखा था। आखिरी बार असद को प्रयागराज में उमेश पाल पर गोलियां चलाते हुए सीसीटीवी में देखा गया था। उसके बाद से ही वह गायब चल रहा था। सूत्रों का कहना है कि पहले असद के शव को झांसी मे रह रहे उसके रिश्तेदारों को सौपने की बात भी चल रही थी, लेकिन आखिर में उसके शव को प्रयागराज में दफनाने पर ही सहमति बनी। वहीं दूसरी ओर कुछ सूत्रों का यह भी कहना है कि जेल मे बंद अतीक अहमद को असद की अंत्येष्टि में जाने की इजाज़त नहीं दी गई है, जिसके चलते वह शामिल नहीं होगा। बीते गुरुवार को प्रयागराज की एक अदालत ने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को उमेश पाल और उनके सुरक्षा में मौजूद दो पुलिस वालों की हत्या के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

मेरे कहने पर शामिल हुआ था असद: अतीक

बता दें कि माफिया डौन अतीक अहमद ने अपने जुर्म को कबूल लिया है। उसका कहना है कि ‘हत्या की सारी प्लानिंग मैने ही की थी और असद को मैने ही इसमें शामिल होने को कहा था अशरफ ने शूटरों का इंतजाम किया था’। जहां एक तरफ अतीक ने अपने जुर्म को कबूल लिया है तो वहीं दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि उमेश पाल की हत्या के बाद दोनों प्रयागराज से होकर गाज़ियाबाद पहुंचे थे और गाज़ियाबाद से नोएडा होकर दोनों दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में यूपी एसटीएफ ने दिल्ली पुलिस की मदद से उनकी लोकेशन को ट्रेस किया था। हालांकि वे वहां से भी बच निकले थे। बाद में दोनों की आखिरी लोकेशन एसटीएफ को उत्तर प्रदेश के झांसी में मिली थी।

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