“पूरा अरुणांचल है भारत का हिस्सा”, भारत ने अरुणांचल पर जगहों के नाम बदलने के चीन के दावे को किया खारिज।

भारत ने चीने के उस दावे को खारिज करते हुए कड़ी आपत्ती जताई है। जिसमें चीन ने अरुणांचल में 11 जगहों को रीनेम कर नई सूची जारी की थी। सूची में चीन ने यह दावा किया था कि इन जगहों के यह नाम चीनी हैं। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में 11 जगहों के लिए नए जिन नामों की सूची जारी की थी, वह चीन के अरुणांचल पर अपने दावे पर जोर देने के प्रयासों के तहत किया गया कृत्य है। यह तीसरी बार है जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश में स्थानों का ‘नाम बदला’ है, जिसे वह तिब्बत का दक्षिणी भाग ज़ंगनान कहता है। इसके पहले साल 2017 में 6 जगहों साल 2018 और 2021 में 15 जगहों के नाम जारी किए थे।

Arindam Bagchi Vartman Samachar min
प्रेस कॉंफ्रैंस के दौरान अरिंदम बागची

इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉंफ्रैंस के दौरान भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ‘नामों को बदल देने से असलियत नहीं बदल जाएगी और यह पहली बार नहीं जब चीन ने ऐसा किया हो। इसके पहले बीते वर्षों मे हम चीन द्वारा कीये गए ऐसे कृत्यों को देख चुके हैं। अरुणांचल पहले भी भारत का ही हिस्सा था और हमेशा भारत का ही अभिन्न अंग रहेगा इस सच्चाई को बदला नहीं जा सकता’। चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेली समूह के प्रकाशन द ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, चीनी अधिकारी इसे अरुणांचल का भूगौलिक नाम कह रहे हैं। अभी कुछ महीनों पहले लद्दाख के त्वांग सेक्टर में LAC  पर भारत और चीन के सैनिक एक दूसरे से भिड़ गए थे। जिसमें दोनों तरफ के काफी सैनिक घायल हुए थे। उस वक्त भारत के रछा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के ऊपर इलाके में शांती भंग करने का आरोप भी लगाया था।

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