समलैंगिक विवाह सनातन धर्म पर भद्दा दाग ? वर्तमान समाचार

मेरठ: यूपी के मेरठ में आज आर्य समाज की तरफ से कुछ लोग समलैंगिक विवाह का विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर नजर आए, इस विरोध प्रदर्शन के द्वारा इनका कहना है कि, समलैंगिक विवाह सीधे सीधे सनातन धर्म की सांस्कृति पर एक धब्बा है। इसीलिए इसपर शासन और प्रशासन को बड़े कदम उठाने की सख्त जरूरत है। और अगर ऐसा नहीं किया गया तो सनातन धर्म गरक में चला जाएगा, इसी के साथ इनका विरोध शासन के साथ-साथ उन लोगों के विरुद्ध भी है, जो लोग समलैंगिक आधार पर विवाह कर रहे हैं। आर्य समाज की केंद्र सरकार से गुहार है कि, भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए समलैंगिक विवाह पर तुरंत रोक लगाई जाए, साथ हि, इसपर कोई सख्त कानून लाया जाए। अब देखना ये है, कि जिस समलैंगिक विवाह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 5 जजों को बिठाया है उनकी तरफ से क्या फैसला निकलकर सामने आता है, और अगर ये फैसला सनातन धर्म से जुड़े लोगों के हित में नहीं आया तो सड़कों पर विरोध प्रदर्शनकारियों की संख्या कितनी बड़ जाएगी।

समलैंगिक विवाह क्या है?

कानूनी तौर पर या सामाजिक रूप से मान्यता प्राप्त एक ही लिंग के लोगो के विवाह को समलैंगिक विवाह कहा जाता है। 2023 तक समलैंगिक जोड़ों के बीच विवाह कानूनी रूप से 34 देशों में किया जाता है और मान्यता प्राप्त है, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 1.35 बिलियन है।

समलैंगिक विवाह क्या है?

कानूनी तौर पर या सामाजिक रूप से मान्यता प्राप्त एक ही लिंग के लोगो के विवाह को समलैंगिक विवाह कहते हैं। इसे सेम सेक्स मैरिज भी कहा जाता है और आज हमारे समाज में समलैंगिक विवाह करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

Source- प्रिंस

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