एनकाउंटर का डर या पैसों की तंगी, 18 वर्षों से फरार अतीक के शूटर ने क्यों किया सरेंडर। वर्तमान समाचार

बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल हत्याकांड के आरोपी और माफिया अतीक अहमद के करीबी शूटर अब्दुल कवि ने बुधवार को लखनऊ की स्पेशल सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। आपको बता दें अब्दुल कवि पिछले 18 वर्षों से सीबीआई और पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। फिर आज एकदम से उसका समर्पण करना सभी के लिए हैरान करने वाला था। गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से कवि के करोड़ों के सम्राज्य पर काफी आहात हुआ है। वहीं दूसरी ओर उसे एनकाउंटर का डर भी सता रहा था।

Abdul Kavi Vartman Samachar min
अब्दुल कवि दाएं

माना जा रहा है कि इन्हीं कारणों की वजह से उसने आत्मसमर्पण किया है। बता दें कि पुलिस ने बीते महीने की 14 फरवरी को अब्दुल कवि के घर कुर्की का नोटिस चस्पा किया था। पुलिस का कहना है कि उमेश की हत्या अतीक व बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ की साजिश का परिणाम है, जो साबरमती और बरेली जेल में रची गई थी।

अब्दुल के घर रुके थे उमेश के हत्यारे।

पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक उमेश पाल की हत्या करने के बाद, उसके शूटर अब्दुल कवि के घर रुके थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तालाशी अभियान भी चलाया था। तलाशी अभियान के दौरान कोई भी शूटर पकड़ा नहीं गया, लेकिन घर से कुछ असलहे और देसी बम जरुर बरामद हुए।

शस्त्रों की बरामदगी के बाद गिरा दिया था घर।

शस्त्रों की बरामदगी के बाद पुलिस को उसका घर गिराना पड़ा। इसके अलावा पुलिस ने कवि और 11 अन्य के खिलाफ संगीन धाराओं मे मुकदमा भी दर्ज कर लिया। वहीं दूसरी ओर कवि के भाई अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया।   

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