मशहूर गैंगस्टर अतीक अहमद और उनके बेटों का अपराधिक इतिहास। एक नज़र। वर्तमान समाचार

ये अनजाना नहीं है की अपराध की दुनिया में उत्तर प्रदेश का नाम सबसे पहले आता है। चाहे वह किसी का मर्डर हो या फिर कोई डकैती। हर दिन कोई ना कोई नई घटना सामने आती है। इस यूपी मे ढेरों गैंगस्टर पैदा हुए और ये सभी अपने खौफ के दम पर राज करते थे। इस इलाके मे इन्ही गैंगस्टर मे से एक नाम हाल ही में बहुत तेज़ी से सभी न्यूज चैनलों पर चर्चा मे चल रहा है। ‘अतीक अहमद’ तो चलिए जान लेते है की ये अतीक अहमद था कौन।

अतीक अहमद कौन है

मशहूर गैंगस्टर अतीक अहमद का जन्म इलाहाबाद के प्रयागराज स्थित चाकिया नामक जगह पर सन 10 अगस्त 1962 हुआ था। मशहूर और आज का अतीक अहमद पर 17 साल की उम्र में ही पहली हत्या का केस दर्ज हो गया था। उम्र बढ़ने के साथ-साथ अतीक के अपराध की सीमा भी बढ़ने लगी। अतीक के ऊपर हत्या, अपहरण, जमीनी कब्ज़ा, पुलिस के साथ मारपीट, शांति व्यवस्था भंग करने, सरकारी काम में बाधा इत्यादि जैसे कई आरोप लगे थे। अतीक अहमद के खिलाफ 80 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जो उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लेकर बहरी राज्य में भी हैं।

अतीक अहमद का परिवार कैसा है

मशहूर गैंगस्टर अतीक अहमद का जन्म इलाहाबाद के प्रयागराज स्थित चाकिया नामक जगह पर सन 10 अगस्त 1962 हुआ था। मशहूर और आज का अतीक अहमद पर 17 साल की उम्र में ही पहली हत्या का केस दर्ज हो गया था। उम्र बढ़ने के साथ-साथ अतीक के अपराध की सीमा भी बढ़ने लगी। अतीक के ऊपर हत्या, अपहरण, जमीनी कब्ज़ा, पुलिस के साथ मारपीट, शांति व्यवस्था भंग करने, सरकारी काम में बाधा इत्यादि जैसे कई आरोप लगे थे। अतीक अहमद के खिलाफ 80 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जो उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लेकर बहरी राज्य में भी हैं।

अतीक अहमद का काला अतीत

पहले अतीक घर के पास में स्थित एक स्कूल में पढ़ने लगा। 10वीं पास नहीं कर पाया और फेल हो गया। इस बीच  वह अपने इलाके के कई बदमाशों की निकट में आ गया। वो दिनरात अमीर बनने का सोचता था। और वह ये ढूंढ रहा था की कैसे जल्दी अमीर बना जाए। जल्दी अमीर बनने के लिए उसने लूट, अपहरण और रंगदारी वसूलने जैसी छोटे काम को अंजाम देना शुरू कर दिया। अतीक के बचपन के समय मे इलाहाबाद के पुराने शहर में चांद बाबा का खौफ हुआ करता था। उस समय मे चांद बाबा को ही इलाहाबाद का बड़ा गुंडा माना जाता था। आम जनता, पुलिस और राजनेता हर कोई चांद बाबा से परेशान हो गए थे। अतीक अहमद ने इसका फायदा उठाया और पुलिस और नेताओं से सांठगांठ हो गई। उनसे एकसाथ होके कुछ ही सालों में वह चांद बाबा से भी बड़ा बदमाश बन गया। जिस पुलिस ने अतीक को शह दे रखी थी, अब वही उसकी आंख की किरकिरी बन गई। अब उसे इन सबसे बचने का सबसे आसान तरीका राजनीति का लगा और फिर इसने 1989 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर इलाहाबाद पश्चिमी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और चमत्कार से वो जीत भी गया। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राजनीति की शुरुआत करने के बाद अतीक अहमद समाजवादी पार्टी में शामिल हुआ। लेकिन फिर वो अपना दल में वापस आ गया। अतीक पांच बार विधायक और एक बार फूलपुर से सांसद रहा था।

अतीक अहमद के सबसे बड़ा क्रिमिनल केसेज़

 SHUATS हमले का मामला-

14 दिसंबर, 2016 को, अहमद और उसके सहायक ने कथित तौर पर Sam Higginbottom University of Agriculture, Technology and Sciences के कर्मचारियों के साथ मारपीट किया, क्योंकि उन्होंने दो छात्रों के खिलाफ कार्रवाई किया था। छात्रों को नकल करते समय पकड़े जाने के बाद परीक्षा देने से रोक दिया गया था। अहमद द्वारा SHUATS शिक्षक और कर्मचारियों के पिटाई के वीडियो इंटरनेट पर बहुत वायरल हुए थे। जिसके चलते अतीक अहमद को अगले दिन गिरफ्तार कर लिया गया।

देवरिया जेल में एक बिजनेसमैन का अपहरण कर बुरी तरह मारना ।

देवरिया जेल में व्यवसायी मोहित जायसवाल के अपहरण और मारपीट के आरोप में अहमद को बरेली जेल शिफ्ट किया गया था।  जायसवाल ने मीडिया को बताया कि अहमद के गैंग के लड़के उससे जबरन वसूली मांग रहे थे।  बाद में वसूली नहीं देने पर उसे देवरिया जेल ले जाया गया।  जायसवाल की जेल के पुलिस प्रहरियों व अन्य लोगों ने पिटाई कर दी। खबर फैलने के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने अहमद को बरेली जेल में शिफ्ट कर दिया। इसके अलावा दो अन्य बिजनेसमैन ने भी अहमद पर देवरिया जेल में अपहरण और मारपीट का आरोप लगाया था।

उमेश पाल अपहरण और हत्या के मामले

2019 में, अहमद को एक प्रमुख गवाह उमेश पाल के अपहरण का दोषी ठहराया गया था, जिसने 2005 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में अहमद के खिलाफ गवाही दी थी।  24 फरवरी 2023 को फायरिंग और बम हमले में उमेश पाल की मौत हो गई थी।  अहमद इस हत्याकांड का मुख्य संदिग्ध आरोपी था। अहमद के भाई अशरफ, बेटे असद और सहयोगी गुड्डू मुस्लिम, एक बम निर्माता, जिसने कथित तौर पर उमेश पाल पर बम फेंका था और पिछले हिंसक अपराधों में शामिल रहा है, सह-आरोपी थे। अहमद को जून 2019 में प्रयागराज सेंट्रल जेल से अहमदाबाद की साबरमती जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।

अतीक अहमद के बेटों का आपराधिक रिकॉर्ड

आपको पहले ही बताया की अतीक अहमद ने शाइस्ता परवीन नाम की एक लड़की से शादी की थी। शादी के बाद दोनों के पांच बेटे हुए। जिनका नाम है मोहम्मद उमर, मोहम्मद अली और उनके तीन छोटे बेटे भी थे। अतीक अहमद के 5 बेटे में से 4 बेटों का आपराधिक रिकॉर्ड है जिसमे दो बेटे मोहम्मद उमर और मोहम्मद अली जेल में बंद हैं। उनके और दो बेटे मोहम्मद अहजम और मोहम्मद आबान, अभी तक कहां है वो पता नहीं चल पाया। मोहम्मद उमर पर रंगदारी का आरोप है जिसके लिए 2 लाख रुपए की इनाम भी दर्ज किया गया है। पिछले साल अगस्त में उसने CBI के सामने Surrender कर दिया था। अहमद के दूसरे बेटे मोहम्मद अली पर भी एटेम्पट टू मर्डर का मामला दर्ज है। जबकि, उनके दो बेटों को उमेश पाल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सबसे हैरान करनेवाला बात यह है कि पुलिस साफ इनकार कर रहा है की इनके बेटे इन्ही के पास है। लेकिन इनकी मां शाइस्ता का कहना है कि दोनों बेटों को पुलिस अपने साथ ले गई थी और तब से ही दोनों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है।

BSP में शामिल हुई शाइस्ता परवीन

इस साल की शुरुआत में ही अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुई थी। उनके अलावा उनके बेटे अहजम अहमद ने भी BSP की सदस्यता ग्रहण की थी। पहले चर्चा चल रही थी कि BSP उन्हें प्रयागराज मेयर पद का प्रत्याशी बना सकता है। लेकिन उमेश पाल की हत्या के बाद अब ये होना मुश्किल नजर आ रहा है। आपको बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले शाइस्ता परवीन ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM मे युक्त हुआ था। खुद ओवैसी ने ही उनको लखनऊ में पार्टी की सदस्यता दीलवाई थी। इसके बाद शाइस्ता को चुनाव में उम्मीदवार भी बनाया गया लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।

अशरफ का काला इतिहास

साल 2004 के आम चुनाव में फूलपुर से सपा के टिकट पर अतीक अहमद ने लोकसभा चुनाव जीत गया था और उसके बाद सांसद बन दिल्ली आ गया। उनके जाने के बाद इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट खाली हो गई। इस सीट पर हुए उपचुनाव में सपा ने अतीक के छोटे भाई अशरफ को टिकट दिलवाया। लेकिन BSP ने उसके सामने राजू पाल को खड़ा किया। उस उपचुनाव में BSP प्रत्याशी राजू पाल ने अतीक अहमद के भाई अशरफ को हरा दिया था. इस हार को अशरद ही नहीं बल्कि अतीफ भी सेहेन नहीं कर पाया। उपचुनाव में जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने राजू पाल की कुछ महीने बाद ही दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में सिर्फ उनका ही नहीं बल्कि देवी पाल और संदीप यादव की भी मौत हो गया थी। सिर्फ यही नहीं, दो अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस भयानक हत्याकांड में सीधे तरीके से अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ का कनेक्शन पाया गया था। और इसका खुलासा भी हो गया था।  

अहमद के परिबार मे सभी का खुलासा

कुख्यात माफिया Atiq Ahmed का साम्राज्य जितना बड़ा था, उतना ही बड़ा उसका परिवार भी था। उनके माफियागिरी से राजनीति में आना सभी की नजरों मे आ गया था। इसीलिए उनका परिवार कई वर्षों से पुलिस के निशाने पर था। धीरे धीरे अतीक के दो बेटे मोहम्मद उमर और मोहम्मद अली  जेल में बंद हो गए। अहमद का पूरा परिवार ही अपराध की गोरखधंधे में शामिल रहा है। अतीक अहमद प्रयागराज के चकिया मोहल्ले का रहने वाला है। बड़े बेटे असद को गुरुवार को पुलिस एनकाउंटर में मार दिया गया, जबकि दो बेटे जेल में बंद हैं। सिर्फ यही नहीं उनके एक अन्य बेटो को भी पुलिस ढूंढ रही है।

अतीक के पिता कैसा था

Atiq Ahmed के पिता जिनका नाम फिरोज अहमद है, वो इलाहाबाद शहर के पुराने इलाके में तांगा चलाया करता थे। उनका परिवार तब बहुत गरीब था। उनके दो बेटे थे। जिनका नाम अतीक अहमद और छोटा मोहम्मद अशरफ। अतीक तो शुरुआत से ही दबंग रवैये का था।  वह बहुत जल्दी धनी बनना चाहता था। उसकी यही चाह उसे जरायम के पेशे में शामिल होने मे मदद किया। अतीक अहमद के सभी बेटे शहर के बड़े स्कूलों में पढ़े हैं और वहां भी छात्रों के साथ कई बार दबंगई, छोटी-मोटी रंगदारी वसूलने जैसी हरकतें करते हुए पुलिस की नजरों में चढ़े हुए थे। यानी की उनका पूरा परिवार ही अपराध के पेशे में लगा रहा।  खबरों के मुताबिक पुलिस एनकाउंटर में मारा गया मोहम्मद असद पर पुलिस ने पांच लाख का इनाम रखा था।

अतीक के पत्नी का आपराधिक रिकॉर्ड

अतीक अहमद ने जिससे निकाह किया उसका नाम था शाइस्ता परवीन। पत्नी शाइस्ता परवीन सीधे तौर पर अपराध से नहीं जुड़ा था, लेकिन हाल ही में हुए उमेश पाल हत्याकांड में वह भी आरोपी हैं और उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

सुना गया है कि शाइस्ता पर भी 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। अतीक अहमद के लंबे समय से जेल में रहने और बेटों पर कार्रवाई के डर से शाइस्ता, अतीक की तरह राजनीति में सक्रिय होकर खुद को सियासी जामा पहनाना चाहती थी।

चलिए जान लेते अतीक से जुड़े कुछ इम्पोर्टेन्ट फैक्ट

  • अतीक अहमद के खिलाफ BSP विधायक राजू पाल और उमेश पाल की हत्या का आरोप है।
  • अतीक अहमद के 5 बेटे हैं।
  • अतीक भी अच्छा खासा गैंगस्टर का पाठ पढ़ाया था आपके 4 बेटों को।
  • 2 बेटे अभी जेल मे है तो 2 बेटे अभी तक गुमसुदा है।

खौफनाक अतीक ने अपने ही गुरु को मौत के घाट उतर दिया

हाल ही मे गैंगस्टर अतीक का नाम सामने आया और हर एक न्यूज़ मे उसके ही अपराध के किस्से सुनाए जाने लगे। इन्ही ख़बरों मे से एक खबर और सुनने को आ रहा है की 34 साल पहले अतीक का गुरु चांद बाबा (Chand Baba) की भी मौत ठीक वैसे ही हुई जिस तरह से अतीक की हत्या हुई है। सुना है की अतीक ने साल 1989 मे शहर की पश्चिम इलाका मे सीट के लिए ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना पर्चा दाखिल किया था। उस इलाका मे उसके गुरु चांद बाबा ने भी नामांकन किया था। अतीक के गुरु चांद बाबा ने अतीक से अपना पर्चा वापस लेने की बात कही लेकिन अतीक ने अपने ही गुरू के आदेश का पालन नहीं किया और उसका जवाब उल्टा करके दिया। उसके बाद जब दोनों ने वहा से चुनाव लड़ा अतीक उस चुनाव को जीत गया। अतीक के रुतबे के आगे जनता को नतमस्तक होना पड़ा। अतीक को चुनाव में वहा के सीट से जीत हासिल हुआ। मतगणना के कुछ दिन बाद अहमद के गुरु चांद बाबा रोशनबाग की ढाल के पास बैठे हुए थे।  तभी वहां पर कुछ लोग पहुंचे और बम, गोलीबारी शुरू कर दी। उस धमाके मे अतीक के गुरु चांद बाबा की मौत हो गई और इसका इल्जाम भी अतीक के सिर आया। दोस्तों उम्मीद है कि आपको अतीक अहमद के बारे में अच्छी खासी जानकारी हमारे इस आर्टिकल से मिल गई होगी। हम आप लोगों की आसानी के लिए किसी भी टॉपिक के ऊपर अच्छे से रिसर्च कर देख कर समझ कर एक अच्छा सी जानकारी वाला निबंध लिखते हैं। अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगी तो इसको अपने दोस्तों के साथ या फिर सोशल मीडिया में शेयर करना न भूले  ऐसे ही जानकारी पाने के लिए हमारे साइट पर विज़िट करते रहें।

 

 

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