SCO MEET: हल्के मिजाज मे नजर आए रुस के लावरोव, आतंकवाद पर किससे हुई चर्चा, जयशंकर ने किया ये कैसा मजाक। वर्तमान समाचार

गोवा: शुक्रवार सुबह 5 मई को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गोवा में शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में कहा कि आतंकवाद को हर तरीके से हर तरह से और सभी तरह के स्वरुपों मे रोका जाना चाहिए। “जब दुनिया कोविड-19 महामारी और उसके परिणामों का सामना करने में लगी हुई थी, तब आतंकवाद का खतरा बिना किसी रोकटोक के जारी था। हमारा दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता है और इसे सीमा पार आतंकवाद सहित इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में रोका जाना चाहिए। आतंकवाद का मुकाबला करना एससीओ के मूल जनादेशों में से एक है,” आगे उन्होंने कहा, आतंकवादी गतिविधियों के पोषण के लिए जिन माध्यमों का इस्तेमाल होता है उनपर रोक लगाई जानी चाहिए या फिर उसे जब्त और अवरुद्ध कर देना चाहिए। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि “मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि एससीओ के सुधार और आधुनिकीकरण के मुद्दों पर चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है।  मैं अंग्रेजी को एससीओ की तीसरी आधिकारिक भाषा के रूप में बनाने की भारत की लंबे समय से चली आ रही मांग के लिए सदस्य देशों का समर्थन भी चाहता हूं, ताकि इस और सक्षम बनाया जा सके। अंग्रेजी बोलने वाले देशों के साथ इससे हमारा जुड़ाव और मजबूत होगा। जयशंकर ने यह भी कहा कि “एससीओ अध्यक्ष के रूप में, भारत ने 14 से अधिक सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित करके एससीओ पर्यवेक्षकों और संवाद भागीदारों के साथ एक अभूतपूर्व जुड़ाव शुरू किया है। एससीओ की हमारी अध्यक्षता में, हमने 100 से अधिक बैठकों का सफलतापूर्वक समापन किया और कार्यक्रम, जिनमें 15 मंत्रिस्तरीय बैठकें शामिल हैं।

अफगानिस्तान के मुद्दे पर क्या बोले जय शकंर।

अफगानिस्तान के मुद्दे पर बात करते हुए विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा कि ““अफगानिस्तान में जो स्थति है वह हमारे सामने है। हमारा प्रयास हमेशा से अफगान लोगों के कल्याण के लिए रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल अभी “अफगानिस्तान में हमारी तत्काल प्राथमिकताओं में मानवीय सहायता प्रदान करना, वास्तव में समावेशी सरकार सुनिश्चित करना, आतंक का मुकाबला करना शामिल है”।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री से भी की मुलाकात।

SCO की इस बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी शुक्रवार को बैठक मे शामिल होने के लिए पहुंचे, जहां उनका स्वागत विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया। पिछले छह वर्षों में पाकिस्तान के किसी विदेश मंत्री की यह पहली भारत यात्रा है। पिछली ऐसी यात्रा दिसंबर 2016 में हुई थी, जब पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री सरताज अजीज ने हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमृतसर की यात्रा की थी। लेकिन उनकी तत्कालीन भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज अस्वस्थ थीं, इसलिए कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं हो पाई थी। बीते गुरुवार शाम को बैठक मे शामिल होने पहुंचे भुट्टो जरदारी ने जयशंकर द्वारा आयोजित रात्रिभोज में भी भाग लिया था। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के राजनयिकों ने कहा कि स्वागत समारोह में माहौल “सौहार्दपूर्ण” था।

रुस के विदेश मंत्री से किया मजाक

SCO बैठक में गहमा-गहमी तो रही ही लेकिन हल्के-फुल्के पल भी देखने को मिले जहां विदेश मंत्री जयशंकर ने रुस के विदेश मंत्री लावरोव से मजाक करते हुए पूछा कि क्या उन्हें गोवा में सनटैन लेने का मौका मिला है, जिस पर रूसी मंत्री ने जवाब दिया कि उन्हें डेढ़ घंटे का समय मिला है, लेकिन “किसी को मत बताना”।

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