पंजाब: पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का 95 साल की आयु में हुआ निधन। वर्तमान समाचार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणी अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल 95 वर्ष की आयु में मंगलवार की रात निधन हो गया। पंजाब और पंजाबियत का नारा देने वाले प्रकाश सिंह बादल को अभी पिछले हफ्ते ही फोर्टिस हॉस्पिटल में सांस लेने मे तकलीफ होने की शिकायत के चलते भर्ती कराया गया था। कुछ दिनों पहले तक उनकी हालत स्थिर बताई जा रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक कल रात उन्हें सांस लेने मे फिर तकलीफ हुई जिसके बाद उन्हें आईसीयू मे शिफ्ट किया गया, रात करीब 8 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। बता दें की प्रकाश सिंह बादल पंजाब के सबसे वरिष्ठ व सबसे युवा नेताओं मे से एक थे। 1970 के दशक में उन्होंने सबसे पहले 43 साल की उम्र में पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तब वे सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री थे। वहीं साल 2012 में 84 वर्ष की आयु में वे सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री बने।

कैसी थी प्रकाश सिंह बादल की राजनीतिक प्रष्ठभूमि।

प्रकाश सिंह बादल ने साल 1947 में राजनीति मे कदम रखा था और 1957 में सबसे पहला विधानसभा चुनाव जीता था, 1969 में एक बार फिर वे विधानसभा चुनाव जीत कर विधायक बने थे। साल 1970-1971, साल 1977-1980 और तो और 1997-2002 तक वे पंजाब के मुख्मंत्री रहे। साल 1972,1980,2002 में वे नेता विपक्ष भी रहे। इतना ही नहीं वे केंद्र सरकार मे मंत्री भी रहे और तो और 2007 से 2017 के बीच वे दो बार पंजाब के मुख्यमंत्री भी बने।

चंडीगढ़ में रखा जाएगा पार्थिव शरीर।

प्रकाश सिंह बादल का पार्थिव शरीर आखिरी दर्शन के लिए चंदीगढ़ के सेक्टर-28 के शिरोमणी अकाली दल के कार्यालय में रखा जाएगा। आखिरी दर्शन का समय 10 से 12 बजे तक तय किया गया, जिसके बाद उनके शरीर को उनके पैतृक गांव लेकर जाया जाएगा।

मनोहर लाल खट्टर और भगवंत मान ने जताया शोक।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रकाश सिंह बादल के निधन पर शोक व्यक्त किया। वे बीती रात ही मोहाली के फोर्टिस अस्पताल पहुंचे और परिवार के साथ दुख साझा किया। अस्पताल मे उन्हें बिक्रम सिंह मजीठिया और सुखबीर सिहं बादल मौजूद मिले। इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी ट्वीट कर उनके निधन पर दुख जताया और लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन का दुखद समाचार मिला… वाहेगुरु दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और परिवार को दुख सहने की शक्ति दें।

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