जातिगत आधार पर कर्नाटका का चुनावी रण साधने की तैयारी में है भाजपा। वर्तमान समाचार

कर्नाटका: बीजेपी ने कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों में से 212 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, सत्ताधारी पार्टी द्वारा टिकटों के वितरण के पैटर्न से एक चीज़ तो साफ दिख रही है कि पार्टी कई जातियों के मिले जुले समिकरण के जरिए चुनाव जीतने का प्रयास कर रही है। बात करें अगर अनुसूचित जाति के मामले में तो भाजपा ने अधिकतम 36 आरक्षित सीटों में से अब तक 34 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। 16 टिकट लंबानी और भोवीस जातियों को दिए गए हैं। माना जा रहा है कि ऐसा करने का उद्देश उन जातियों को खुश करना है जो नौकरीयों और शिक्षा में 17 प्रतिशत आरक्षण को घटाकर 4.5 प्रतिशत करने पर नाखुश थे। बात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस ने अबतक कुल 166 टिकट दिए हैं। जिनमें से लगभग 26 सीटें दलितों के लिए आरक्षित हैं। जिनमें 12 आरक्षित सीटों का सबसे बड़ा हिस्सा एससी समूह को दिया गया है, जिन्होंने पारंपरिक रूप से पार्टी का समर्थन किया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पार्टी के कई शीर्ष नेता दलितों के इस विशिष्ट समूह से ही आते हैं। एससी को बहुमत देने के कांग्रेस के कदम के स्पष्ट जवाब में, भाजपा ने एससी (लेफ्ट) को 10 सीटें आवंटित की हैं, जिन्होंने हाल के वर्षों में भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया है। भाजपा ने अब तक घोषित 34 एससी-आरक्षित सीटों में से आठ एससी (राइट) समूह को ही दी हैं। हालांकि भाजपा ने दावा किया है कि उसने अपने उम्मीदवारों की सूची में सबसे पिछड़े दलित समूहों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने का एक प्रयास किया है।  

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