मानसून तबाही: दिल्ली में हाई अलर्ट, यमुना खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर|

पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच, दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि यमुना नदी खतरे के निशान 205.33 मीटर से थोड़ा ऊपर 206.24 मीटर तक पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, उच्च बाढ़ स्तर 207.49 मीटर है।

लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड के देहरादून जिले के विकासनगर में भी यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई। अधिकारियों ने कहा कि यमुना नदी के बढ़ते स्तर ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए भी मजबूर है।

यमुना का जलस्तर बढ़ने का कारण

राष्ट्रीय राजधानी सहित उत्तर पश्चिम भारत में बारिश के बीच हरियाणा द्वारा हथिनीकुंड बैराज से नदी में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से यमुना में जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के मुताबिक, सोमवार (10 जुलाई) दोपहर 3 बजे हथिनीकुंड बैराज से करीब 2,15,677 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। बैराज की सामान्य प्रवाह दर 352 क्यूसेक है, हालांकि, जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा से बहाव बढ़ जाता है। गौरतलब है कि एक क्यूसेक 28.32 लीटर प्रति सेकंड के बराबर होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैराज से पानी दिल्ली पहुंचने में करीब दो से तीन दिन लगते हैं।

इससे पहले सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में बाढ़ जैसी स्थिति से इनकार किया, एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था कि नदी के 206 मीटर के निशान को पार करते ही निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू हो जाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों और यमुना के जल स्तर की निगरानी के लिए 16 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं।

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