मेरी कॉम ने लगाई मदद की गुहार, जल रहा है मणिपुर 8 जिलों मे लगा कर्फयू। वर्तमान समाचार

इंफाल:पिछले कई दिनों से मणिपुर मे जातिवाद का संघर्ष चरम पर है। उसी के चलते अनुसूचित जनजाति के दर्जे पर अदालती आदेश के बाद आदिवासी समूहों के विरोध के बीच हुई हिंसा के चलते सेना ने आज मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया। इंफाल चुराचांदपुर और कांगपोकपी में हिंसा भड़कने के बाद बीती रात मणिपुर के आठ जिलों में कर्फ्यू लगाया जा चुका है। बता दें कि मणिपुर सरकार ने राज्य के अंदर इंटरनेट पर रोक लगा दी है। बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए सेना और असम राइफल्स को बुला लिया गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सेना और असम राइफल्स द्वारा आज फ्लैग मार्च किया जा रहा है। हिंसा के बाद राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 7,500 से अधिक लोगों को सेना के शिविरों और सरकार के कार्यालयों के परिसरों में आश्रय दिया गया है। सेना और असम राइफल्स ने मणिपुर में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए रात भर सभी समुदायों के 7,500 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भी बड़ा बचाव अभियान चलाया इस दौरान दोनों तरफ के लोगों को बचाया गया। भारतीय सेना ने कहा कि वह हमेशा से ही देश के नागरिकों की भलाई और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध और आगे भी रहेगी। बीते बुधवार को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर ने चुराचंदपुर जिले के टोरबंग इलाके में गैर-आदिवासी मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ का आह्वान किया था। पुलिस के मुताबिक  रैली में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया जिस दौरान आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच हिंसा भड़क उठी। वहीं बॉक्सिंग लीजेंड मैरी कॉम ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री से मदद मांगी और कहा कि मेरा प्रदेश जल रहा है कृप्या सहायता करें। एक रिपोर्ट के मुताबिक मेइतेई समुदाय मणिपुर की आबादी का 53% हिस्सा है और मुख्य रूप से इस समुदाय के लोग मणिपुर घाटी के अंदर रहते है। मेइती समुदाय का दावा है कि “म्यांमार और बांग्लादेशियों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध आप्रवासन” को देखते हुए उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा कानून के अनुसार, मैती लोगों को राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में बसने की अनुमति नहीं है।  

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