दिल्ली: शराब नीति मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया को नहीं मिलेगी जमानत। वर्तमान समाचार

नई दिल्ली: दिल्ली  के चर्चित शराब नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी को केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI की एक विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है। CBIकी विशेष अदालत के न्यायाधीश एमके नागपाल ने श्री सिसोदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि जांच इस स्तर पर है कि यह जमानत देने के योग्य नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनीष सिसोदिया के जमानत के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि जांच एक “महत्वपूर्ण” चरण में चल रही है ऐसे में जमानत देना सही नहीं होगा। ईडी ने मनीष सिसोदिया पर आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेता ने यह दिखाने के लिए ईमेल गढ़े कि जनता ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए नई शराब नीति को मंजूरी दे दी है। बीते 31 मार्च को भी मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था जब CBI इस घोटाले की जांच कर रही थी, तब न्यायालय ने यह कहकर मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था कि उनकी जमानत जांच पर असर डाल सकती है। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर ने पिछले वर्ष ही इस मामले में CBI जांच के आदेश दिए थे। दिल्ली सरकार ने पुरानी शराब नीति को वापस लिया और उपराज्यपाल को करोड़ों रुपये के राजस्व के नुकसान के लिए दोषी ठहराया, जो कि आप सरकार ने दावा किया था कि अगर नई नीति जारी रहती तो आ जाती।

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