अतीक-अशरफ मर्डर केस: अतीक और अशरफ के हत्यारों को किससे है खतरा, किसने की थी दगाबाजी। वर्तमान समाचार

अतीक-अशरफ हत्याकांड मे पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे नई बाते सामने आ रही हैं। बता दें कि अतीक और अशरफ की हत्या जिन दो जिगाना व गिरसान पिस्तौलों से की गई थी, वह गोगी गैंग से शूटर सनी को मिली थी। यह दोनों पिस्तौलें उसे दिल्ली के कुख्यात माफिया टिल्लू ताजपुरिया की हत्या करने के लिए दी गई थी। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया बल्कि उसकी जगह जितेंद्र गोगी की हत्या कर पिस्टलें लेकर भाग निकला तभी से गोगी गैंग के गुर्गे उसकी तलाश में है। सनी जिसके ऊपर 16 मुकदमे दर्ज हैं उसकी वजह से ही अब अन्य दो शूटरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। खासकर जब से अतीक और अशरफ की हत्या हुई है तब से तो गोगी गैंग के गुर्गों को इन दोनों की लोकेशन की भी जानकारी हो चुकि है।

दूसरे शूटर अरुण से दिल्ली में हुई थी मुलाकात।

पुलिस की जांच मे यह भी सामने आया है कि इस हत्याकांड के दूसरा शूटर अरुण कुमार मौर्य और सनी की मुलाकात दिल्ली में हुई थी। दरहसल, अरुण ने पानीपत में एक डकैती को अंजाम दिया था। जिसके बाद वह पकड़ा भी गया और जमानत पर बाहर आने के बाद वह दिल्ली आ गया था। सनी अरुण से मिलने के बाद दिल्ली छोड़ चुका था, लेकिन वह उसके संपर्क मे लगातार बना हुआ था।

कैसे हुई थी टिल्लू की हत्या।

माफिया टिल्लू ताजपुरिया की हत्या मे शामिल हमलावरों ने उसपर सुबह के करीब 6:10 मिनट पर उसे निशाना बनाया था। दोनों हमलावर टिल्लू के सेल का इंतजार काफी देर से कर रहे थे, और जब सेल खुला तब उन्होंने उसपर हमला कर दिया। दोनों हमलावरों ने उसपर 90 से अधिक वार किए। दोनों ने काफी कम समय मे ही उसकी हत्या कर दी थी। बता दें इस हत्या की जिम्मेदारी गोल्डी बरार ने ली है। इस पूरे घटनाक्रम में टिल्लू ने दूसरे कैदी की सेल में भागकर जान बचाने की कोशिश भी की लेकिन वह बच नहीं सका। रोहित ने उसे बचाने की कोशिश भी की लेकिन हमलावरों ने उसपर भी हमला कर दिया, उसने भागकर अपनी जान बचाई।

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