आखिर रुस ने क्यों कहा क्रेमलिन हमले के पीछे है अमेरिका का हाथ। वर्तमान समाचार

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक चौंका देने वाली बात सामने आ रही है। रुस ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका क्रेमलिन पर एक ड्रोन हमले के पीछे था। इस हमले का उद्देश्य राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मारना था। देखा जाए तो  मास्को की सेना ने राजधानी कीव सहित यूक्रेनी शहरों में अधिक लड़ाकू ड्रोन भेजे। पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने सबूत उपलब्ध कराए बिना कहा कि यूक्रेन ने बुधवार तड़के क्रेमलिन गढ़ पर कथित ड्रोन हमले के साथ अमेरिकी आदेशों पर काम किया था। कीव ने उस घटना में शामिल होने से इनकार किया है। जिसने पिछले हफ्ते पश्चिमी रूस और रूसी-नियंत्रित क्रीमिया में मालगाड़ियों और तेल डिपो को निशाना बनाते हुए विस्फोटों की एक कड़ी लगा दी थी। मॉस्को ने उन हमलों के लिए भी यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है। क्रेमलिन ने अपने एक बयान मे कहा है कि वह जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखता है। पेसकोव ने गुरुवार को कहा कि एक तत्काल जांच चल रही है और किसी भी प्रतिक्रिया पर सावधानी से विचार किया जाएगा और संतुलित किया जाएगा। हालांकि  रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कथित ड्रोन हमले का उत्तर जरुर दिया जाएगा और इससे पता चलता है कि कीव की बातचीत की मेज पर 15 महीने पुराने युद्ध को समाप्त करने की कोई इच्छा नहीं थी।

पहले रुस ने भी भेजे थे कई ड्रोन।

बता दें इसके पहले रूस ने यूक्रेन पर दो दर्जन लड़ाकू ड्रोन भेजे थे। चार दिनों में तीसरी बार कीव पर हमला किया और ओडेसा के काला सागर शहर में एक विश्वविद्यालय परिसर पर भी हमला किया गया, यूक्रेन द्वारा कब्जा की गई भूमि को फिर से हासिल करने के लिए एक बड़े जवाबी हमले से पहले। किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं थी। कीव के शहर प्रशासन ने कहा कि रूस ने शायद बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन भी दागे थे, लेकिन उन सभी को मार गिराया गया था।

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