Aarushi-Hemraj Murder:10 वर्षों बाद भी नहीं सुलझी इस हत्याकांड की गुत्थी। वर्तमान समाचार

देखने में आया है कि ऐसा कई बार हुआ कि कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं जो देश ही नहीं पूरी दुनिया को हिलाकर रख देती हैं और यह ऐसी रहस्यमयी घटनाएं होती हैं जिन्हें लेकर सवाल तो कई होते हैं लेकिन जवाब किसी के पास नहीं होता। ऐसा ही एक केस है नोएडा का आरुषि-हेमराज हत्याकांड। इस हत्याकांड को आज पूरे 15 साल हो गए हैं लेकिन यह आज भी उतना ही अनसुलझा है जितना वारदात के पहले दिन था। इस केस में यह रहस्य अब भी कायम है कि आखिर 15-16 मई, 2008 की रात किसने पहले आरुषि और फिर हेमराज का बेरहमी से कत्ल कर दिया।

बता दे की आरुषि-हेमराज हत्याकांड में मुख्य आरोपी आरुषि के माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार को ही बनाया गया था। इन्हें सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए वर्ष 2013 उम्र कैद की भी सजा सुनाई थी। वहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच में कई खामियों का जिक्र करते हुए आरुषि-हेमराज मर्डर में वर्ष, 2017 में राजेश और नूपुर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

आरुषि तलवार के कत्ल की खबर सबसे पहले 2008 में आज ही के दिन यानी 16 मई की सुबह उस वक्त सामने आई थी जब तलवार परिवार की घरेलू सहायिका काम करने घर पहुंची। घरेलू सहायिका जब आरुषि के कमरे में पहुंची तो उसका शव बेडरूम में पड़ा मिला। वह चीखती हुई राजेश-नूपुर के पास गई। इसके बाद मीडिया की खबरों में जानकारी सामने आई कि हेमराज घर में आरुषि की हत्या करके नेपाल फरार हो गया है। बताते चलें कि राजेश-नूपुर दोनों ही नोएडा के जाने-माने दंत चिकित्सक थे, इसलिए मामला सामने आते ही हाई प्रोफाइल हो गया। राजेश-नूपुर की जानकारी पर यकीन करते हुए नोएडा पुलिस की टीमें हेमराज की तलाश में नेपाल के लिए रवाना हो गईं।

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