शृंगार गौरी की नियमित पूजा के अधिकार मामले में मंदिर पक्ष को मिली बड़ी जीत। वर्तमान समाचार

वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर स्थित शृंगार गौरी की नियमित पूजा के अधिकार मामले में मंदिर पक्ष को बड़ी कानूनी जीत मिली है। प्रकरण में वाराणसी जिला जज के फैसले के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी, वाराणसी की पुनरीक्षण याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है।तीन महीने की लंबी बहस के बाद कोर्ट ने 23 दिसंबर 2022 को फैसला सुरक्षित कर लिया था। यह बहुप्रतीक्षित फैसला बुधवार को न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सुनाया। कोर्ट ने सिविल वाद की ग्राह्यता (पोषणीयता) पर याची की आपत्तियां अस्वीकार कर दी हैं।

स्कंद पुराण का भी किया गया है उल्लेख

बहस के दौरान मंदिर पक्ष से जाने माने अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने कहा, ‘दीन मोहम्मद केस (1937) में केवल वादी को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई है। मुस्लिम समाज को नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं है।कहा कि किसी इस्लामिक इतिहासकार ने ज्ञानवापी मस्जिद का जिक्र नहीं किया है। स्कंद पुराण के हवाले से कोर्ट में बताया गया कि पंचकोसी परिक्रमा मार्ग में आने वाले मंदिरों का उल्लेख है। उनमें कुछ पर मस्जिद बनी हुई है। ज्ञानवापी कूप में स्नान कर शृंगार गौरी के पूजन का विधान है।

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