उत्तर प्रदेश: अब सामूहिक विवाह की होगी ऑनलाइन निगरानी, जानिए पूरी खबर। वर्तमान समाचार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि नवाचार व तकनीक का प्रयोग कर योजनाओं का लाभ समय पर लाभार्थियों को दिया जाए। सरकार की कोशिश है कि लाभार्थियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और अत्याचार उत्पीड़न निषेध योजना की पोर्टल के जरिए ऑनलाइन निगरानी की जाए। समाज कल्याण अधिकारियों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन असीम अरुण ने योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र भी दिया। प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने अधिकारियों को सभी योजनाओं के प्रचार-प्रसार कर पूरी निष्ठा के साथ काम करने के निर्देश दिए।समाज कल्याण निदेशक पवन कुमार ने कहा कि अधिकारी नियमित मौके पर जाकर योजनाओं की निगरानी करें। इस मौके पर विभागीय योजनाओं की प्रगति, संचालन में आ रही समस्याओं, उनके निराकरण संबंधी कार्य योजना एवं नवाचार के संबंध में जिला, मंडल व मुख्यालय स्तर के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण दिया।बताया गया कि सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के चयन के संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या से निपटने के लिए आनलाइन वेरिफिकेशन प्रणाली अपनाई जाएगी। अत्याचार उत्पीड़न पर आर्थिक सहायता में एनआइसी ने पोर्टल विकसित किया है। इसमें एससी एवं एसटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज एफआइआर की सूचना सीधे प्राप्त हो जाएगी एवं उसी समय आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, उपाध्यक्ष अनुगम विश्वनाथ, आयुक्त समाज कल्याण हेमंत राव, सचिव समाज कल्याण समीर वर्मा आदि शामिल हुए।

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