उत्तर प्रदेश: इस बार आसान नहीं होगा भाजपा के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव, प्रदेश की इन 14 लोकसभा सीटों पर मंडरा रहा खतरा। वर्तमान समाचार

अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव में भाजपा प्रदेश की हारी हुईं 14 लोक सभा सीटों पर काबिज होने के लिए बेशक मशक्कत कर रही हो लेकिन नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे यह संकेत दे रहे हैं कि इनमें से ज्यादातर सीटों पर पार्टी की राह आसान नहीं है। भाजपा पिछले लोक सभा चुनाव में 62 सीटें जीत पाई थी। दो सीटें उसके सहयोगी अपना दल (एस) के पास हैं। पिछले वर्ष हुए उपचुनाव में भाजपा ने आजमगढ़ और रामपुर लोक सभा सीटें भी अपने खाते में दर्ज कर लीं। अब उसकी निगाहें अगले लोक सभा चुनाव में हारी हुईं 14 सीटों को जीतने पर लगी हैं। इन 14 सीटों के लिए भाजपा ने केंद्र सरकार के चार मंत्रियों-नरेन्द्र सिंह तोमर, डा.जितेन्द्र सिंह, अश्विनी वैष्णव और अन्नपूर्णा देवी को जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी इन सीटों के लिए लोकसभा संयोजक व प्रभारी के साथ विस्तारक भी नियुक्त कर चुकी है। नगीना लोक सभा सीट के पांच विधान सभा क्षेत्रों की पांच में से सिर्फ एक-नूरपुर नगर पालिका के अध्यक्ष का चुनाव भाजपा जीत सकी है। नजीबाबाद, नगीना, धामपुर और नहटौर नगर पालिकाओं में उसे हार का सामना करना पड़ा है। बिजनौर लोक सभा सीट के पांच विधान सभा क्षेत्रों में मीरापुर, पुरकाजी और चांदपुर नगर पालिकाओं में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा जबकि बिजनौर और हस्तिनापुर नगर पालिका में उसे जीत हासिल हुई। भाजपा बिजनौर जिले की 12 नगर पालिकाओं में से सिर्फ दो और छह नगर पंचायतों में भाजपा मात्र एक जीत पाई है। सहारनपुर के 12 नगरीय निकायों में से भाजपा को नगर निगम समेत कुल चार निकायों में जीत मिली। जिले की चार में से दो नगर पालिकाओं और सात में से छह नगर पंचायतों में वह पराजित हुई।

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